यही सत्य परमार्थ



धरना करना छोड़ कर,सभी करें पुरुषार्थ।
जीवन उन्नत हो सदा,यही सत्य परमार्थ।।1।।

आज प्रदर्शन हो रहे, दुनिया में चहुँ ओर।
आम आदमी त्रस्त है,  महँगाई  का जोर।।2।।

भौतिकता  की दौड़ में, टूट  गए  परिवार।
आज सभी भटके युवा,भूल गए संस्कार।।3।।

आंदोलन के जोर से, आता है बदलाव।
उचित नहीं है राह ये, होता है विलगाव।।4।।

एक गलत अफवाह से,बिगड़े सारे काम।
बन जाता वह हादसा,मिले बुरे परिणाम।।5।।

                   ✍️ डॉ नवल किशोर सेठी

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