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कोरोना

विधा -अम्बा छंद विधान --६ वर्ण प्रति चरण चार चरण दो दो सम तुकांत भगण मगण २११ २२२    कोरोना घातक  कोरोना। जीवन को खोना। रोग      सताएगा। दुःख  दिखाएगा। धैर्य न तू खोना। साहस ही होना। रोक न  पाएगा। गीत  सुनाएगा। कष्ट बड़ा भारी। घातक बीमारी। संकट  के साए। रोक  इसे पाए। नीरवता   छाई। मात पिताभाई। दूर   हुए   सारे। जीवन को धारे। साँस लगेभारी। संकट  बीमारी। दूर    भगाएंगे । पास न लाएंगे। रोग  महामारी। तू  कर तैयारी। मानव जीतेगा। दानव  हारेगा। आस न खोना है। दूर  न  होना  है। जीत  हमारी  है। अंतिम बारी है।।          ©डॉ एन के सेठी

माँ

*🙏🙏🙏माँ🙏🙏🙏* ममता  की  मूरत  है  माँ             प्रेम दया  की  सूरत है माँ सृष्टि की आद्या शक्ति है माँ           सृष्टा की अद्भुत सृष्टि है माँ ममता स्नेह का भंडार है माँ            सच्चा निस्वार्थ प्यार है माँ हमको जीना सिखाती माँ             जीवन आसान बनाती माँ ईश्वर  का  वरदान  है  माँ              गीता  और  कुरान  है माँ उपवन की फुलवारी माँ               बच्चों की किलकारी माँ सुरसरि सी पावन है माँ                     गर्मी में सावन है माँ वात्सल्य का सागर है माँ              शांति  का  आकर  है माँ जीवन सुख से भरती माँ                सब कष्टों  को हरती माँ फूलों सी महके है माँ   ...