रक्षाबंधन
विषय-रक्षाबंधन विधा-कुंडलिया ♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️ रक्षा का वादा करे, बहना की हर भ्रात। रक्षाबंधन पर्व पर, होय प्रेम की बात।। होय प्रेम की बात, बहन बाँधे है धागा। भाई हो खुशहाल, प्यार ही सच्चा जागा।। कहता कवि करजोरि ,पर्व ये करे सुरक्षा। दुनिया का हर भ्रात,बहन की करता रक्षा।। रखता ये खुशहाल है, राखी का त्यौहार। रेशम की इक डोर से, बँधा हुआ है प्यार।। बँधा हुआ है प्यार, भ्रात की सजी कलाई। रक्षाबंधन पर्व, सभी मन खुशियाँ छाई।। कहत नवल करजोरि,बहन पर जान छिड़कता। भाई ही हर हाल, मान बहना का रखता।। ♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️ ©डॉ एन के सेठी