बहते आँसू

*बहते आंसू*

बहते आँसू को मत रोको
 इनको तो बस बहने दो।
दिल भी हलका हो जाएगा
  अपनी पीड़ा कहने दो।।

आँखों से बहते ये आँसू
   अपना दर्द बताते है।
कभी खुशी बन करकेआँसू
    जीवन को महकाते हैं।।

आँसू जब आँखों से बहते
 कुछ तो मतलब होता है।
होती हर आँसू की कीमत 
  मैल दिलों का धोता है।।

ठेस लगे जब दिल में कोई
   आँख से अश्रु बहते हैं।
विरही की पीड़ा को भी ये
  आँखों से बह कहते हैं।।

वाणी की अपनी सीमा है
 अश्रु की न सीमा कोई।
खुशियों में जैसे ये बहते 
   वैसे गम में भी होई।।

               ©डॉ एन के सेठी

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